Garam Randi Aurat Chudai – चूत की नस फट गई जोरदार चुदाई से

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Garam Randi Aurat Chudai

दोस्तो मेरा नाम विकास है। मेरी उम्र 28 साल है। मैं कोलकाता मिदनापूर का रहने वाला हूं। मेरी कद-काठी ठीक हैं और मुझे चूत मारना बेहद पसंद है। मैने आज तक ना जाने कितनी औरतो और लड़कियों के चूत मारे हैं। उसकी गिनती नहीं है। आज की कहानी उस अय्यास औरत के बारे में है जिसने अपने बूर को चूदवाना ही अपने जीवन का मकसद समझा। Garam Randi Aurat Chudai

उस औरत ने ना तो उम्र देखी और ना ही ओहदा। बस अपने बूर की प्यास बुझाने को ही अपना सबकुछ समझा। तो चलिये पहले उसके बारे में बताता हूं। उस औरत का नाम मीता सेन चौधरी है। वो आसनसोल की कुलटी नामक एक छोटा सा रेलवे स्टेशन है वहां कि निवासी है। उम्र 56 वर्ष। उसके दो बेटे हैं। एक की शादी हो चूकी है। वो कोलकाता में रहता है।

दूसरा बेटा उसके साथ रहकर घर से पढाई कर रहा है। उसके पति वहीं के एक निजी संस्थान में कार्य करते हैं। मीता 56 वर्ष होने के बावजूद बेहद अय्सास औरत है। उसने अबतक 100 से ज्यादा लोगों से अपने बूर की कुचाई करायी है। वो फेसबुक के जरिये लोगों को फांसती है। उसके बाद उन्हें अपने घर बुलाकर मजे करती है।

दोस्तो 56 वर्ष की एक बुढिया में क्या मिलेगा। सब कुछ लटका और झुला हुआ। वैसे भी 40 साल की उम्र के बाद शादीशुदा औरतों में कुछ बचता नहीं। पर अगर मुफ्त का बूर 80 साल की भी मिल जाय तो चोदने में बुरायी क्या है। और फिर ऐसी औरतो को चोद देना ही बेहतर है। क्योंकि इन्हें अगर आप नहीं चोदोगे तो कोई और चोद के चला जाएगा।

ऐसी रंडियां किसी की भी नहीं होती हैं। इनको बस लंड से मतलब होता है। लंड लेने के लिये ये लोग किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसी औरते रिश्ता नाता, नैतिकता अनैतिकता कुछ नहीं देखती। ऐसी औरतों के परिवार वाले, मोहल्ले वाले, दोस्तो, रिश्तेदारों की मौज हो जाती है। क्योंकि इनकों टांगे फैलाने में जरा भी समय नहीं लगता।

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ये किसी से हां दोस्तो किसी से भी चूत मरवा सकती है। अपने पैदा किये हुए बच्चे से भी। इनका अलग हीं प्रजाति होता है। क्या बड़ा, क्या छोटा, क्या गोरा क्या काला, क्या लंबा क्या मोटा इन लोगों को जो मिले उसे ले लें। खैर अब मैं मूल कहानी पर आता हूं। मेरी मीता से दोस्ती एक साल पहले फेसबूक के जरिये हुयी थी। इसने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा था।

मैंने भी उसकी रिक्वेस्ट तुरंत एकसेप्ट कर ली थी। हमलोगों में बातचीत होने लगी थी। पहले ही दिन नंबर का आदान प्रदान हो गया था। मीता खेली खायी मेच्योर औरत थी तो उसने पहले ही दिन गंदी और लंड खड़ा करने वाली बाते शुरू कर दी थी। औरत बुढी हो या जवान। गंदी और सेक्सी बाते करेगी तो लंड खड़ा होगा ही।

मैंने उनसे कहा कि आप उम्र में काफी बड़ी हो। लेकिन अनुभवी औरतो से कौन सकता है। फिर ये पेली-पेलायी औरत थी। चुदी-चुदाई और बाहर की लंड खायी औरतें बाजारू ही होती है। बस अंतर इतना है कि वे छुप कर अनेक लंडो का मजा लेती है। बाजारू पैसा लेकर धंधा करती हैं। बस यही अंतर होता है। खैर मैं उसके मायाजाल में फंसकर कुलटी पहुंच गया।

उसके पति और उसका बेटा दोनों घर पर नहीं थे। दरवाजा खटखटाया। उसने दरवाजा खोला। वो मेरे सामने नाइटी में आयी। मैंने घर के अंदर प्रवेश किया। उसने मुझे बैठने को कहा और वो चाय बनाने अंदर चली गयी। मुझे नर्वसनेस महसूस हो रही थी। लेकिन वो एक दम कूल थी। ऐसा लग रहा था मानो हम कई बार मिले हों।

उसे देख कर कोई जोश महसूस नहीं हो रहा था। समझ नहीं आ रहा था कि इसे कैसे चोदूंगा। लंड में कोई हलचल नहीं थी। वो चाय लेकर आयी और मेरे सामने बैठ गयी। सामने बिस्तर था। मैने जैसे ही चाय खत्म की वो मेरे गोद में आ बैठी। और मुझे चुमने चाटने लगी। सीधे अपने हाथ को मेरे लंड पर रखकर मसलने लगी।

अब मेरा नागराज थोड़ा हलचल कर बैठा। इसके साथ ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिये। वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। उसका चूची 36 साइज का होगा जो नीचे की ओर लटका हुआ था। बूर सामने फ़ुला हुआ था लेकिन बूर के सामने का चमडा लटका दिख रहा था।

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उसका गांड का भी चमड़ा वैसा हीं झुला हुआ था। पेट निकला हुआ और भरा और लटका हुआ। मुझे उसको देखकर अजीब लग रहा था। एक नंगी औरत सामने हो और जोश ना आए तो खामी अपने में हीं नजर आती है। मीता इस बात को समझ रही थी। उसने मेरे कपड़े उतरवाये और सीधे मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।

उसके लंड चूसने से भी मुझे कोई प्रभाव नहीं हो रहा था। वो तो जोश में थी पर मुझे मजा नहीं आ रहा था। जब उसके चूसने के बाद भी लंड पर कोई प्रभाव नही हुआ तो उसने नाराजगी जताते हुए मुझे दो जोरदार थप्पड़ जड़ दिये। मारते हुए कहा कि नामर्द हो क्या जो लंड खड़ा नहीं हो रहा। पहली बार ऐसा मर्द देख रही हूं जो नंगी औरत को देखकर भी जोश में नहीं दिखायी दे रहा।

इतना कहते हुए वो अपने दूसरे कमरे में चली गयी। कु छ देर बाद वो वापस आयी। इसबार उसके हाथों में दवा की गोली थी। उसे निकालते हुए और पानी देते हुए कहा कि ये मेनफोर्स 50 की गोली है। इसे गले के नीचे उतार लो। कुछ ही देर में तेरा मरा हुआ लंड जिंदा हो जाएगा। फिर जितना देर चाहो चोद सकते हो।

इसको खाने के बाद 80 साल की बुढिया भी मर्द को कैटरीना लगने लगती है। मैं भी फंस चूका था। उसकी बात को मानते हुए ना चाहते हुए भी मैंने वो दवा की गोली गटक ली। गोली गटकने के बाद हम दोनों बेड पर गये। वो मेरे शरीर से खेलती रही। कभी लंड चूसती कभी किस करती। उसे जो समझ आ रहा था वो अपने धून में करती जा रही थी।

इस दौरान करीब 15 मिनट के बाद मेरे लंड में अकडन महसूस होने लगी। मीता फटाफट लंड को अपने मुंह में लेकर लॉलिपॉप की तरह चूसने लगी। अब मेरा लंड खड़ा होकर पूरे शबाब पर था। मीता खड़े लंड को देखकर पागल हुए जा रही थी। मीता के हरकत और दवाई के असर से कुछ ही देर में मेरा चोदने का मन बन गया।

मैंने मीता का हाथ पकड़ लिया और हाथों को चूम लिया। मीता मुझे गहरी नजर से देखने लगी। वो जान गयी की अब मैं उसे चोदना चाहता हुं। मैं लगातार मीता का हाथ चूमता रहा। कुछ ही देर में दोस्तों मेरा हाथ मीता के भारी-भरकम छातियों पर पहुच गया। मैं उसे दबोच कर दबाने लगा। मेरा उत्साह बढता जा रहा था।

मैंने पूरी ताकत के साथ उसकी छातियां दबा रहा था। वो सिसकारी लेकर मजे ले रही थी। अब मेरा लंड पर काबू नहीं रहा। मैने उनकी झांटेदार चूत के मुंह पर अपने लंड को टिका दिया और जोर से हुमक कर जोरदार झटका दिया। मेरा ८ इंच का लौड़ा मीता के भोसड़े को चिरता हुआ अंदर घुस गया। मीता को दर्द हुआ। उनका गोल चेहरा सिकुड़ सा गया और उतर गया।

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मैं कुछ एक सेकेंड के लिए रुक गया। फिर धीरे धीरे बड़े प्यार और लगाव से मीता को लेने लगा। मेरा लौड़ा खून से रंगा बड़ी धीरे धीरे मीता की चूत में अंदर और बाहर जा रहा था। शुरू शुरू में धीरे धीरे पेलाई हो पा रही थी। फिर धीरे धीरे मंजिले मिलने लगी। मैं मीता पर चढ़ गया।

उसके हाथों को मैंने उनके दूध से हटा दिया और अपने हाथों में दोनों चुच्चो को ले लिया। बाप रे! कितने मुलायम, कितने नर्म पपीते जैसे। दवाई ने जैसे जादू कर दिया था। मीता की शरीर जो अभी से आधे घंटे पहले तक घिनौनी लग रही थी। वहीं शरीर अब मादक और गुलरोज सरीखे थी। मैंने हाथ से दबाते दबाते उनको मुंह में भर लिया और पीने लगा। “Garam Randi Aurat Chudai”

ये पल जादुई था, सच में दोस्तों, बड़ा शानदार और बहुत ही जादुई। इस दौरान मैंने अपने असलहे को मीता की चूत में भी गाड़े रखा। फिर कुछ देर बाद अपने लौड़े की ट्रेन मीता के भोसड़े में फिर से स्टार्ट कर दी। शानदार अनुभव था वो। मैं खट खट करके फिर से मीता संग संभोग करने लगा। चुदती मीता का सौन्दर्य आँखों में बस गया था।

फिर मुझसे रहा न गया। मीता के होठ पर मैंने अपने होठ रख दिए और पीते पीते उनको खाने लगा। अब मेरा लौड़ा पूरी तरह मीता की बुर में रवां हो चूका था। सट सट करके अंदर बाहर फिसल रहा था। मीता की चूत सच में बहुत मीठी थी। मेरा लौड़ा बार बार मुझे ये बता रहा था। मैं मीता में पूरी तरह से समां जाना चाहता था।

मैंने उसको बाहों में भर रखा था। उनके नर्म नर्म ओंठ पीकर मैं उसकी ज्वालामुखी सी धधकती आग सी उबलती चूत मार रहा था। फिर कुछ समय बाद मैं मीता के भोसड़े में झड गया। मीता ने मुझे जकड़ लिया। इसे कहते है असली बुरफाड़ चोदन, मैंने सोचा। मीता मुझे जगह जगह गाल ,गले, सीने पर चूमने लगी। मुझे बहुत अच्छा लगा।

कुछ देर होते ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। मुझे फिर से मीता को चोदने का मन करने लगा। मीता मुझे एक दम जवान लग रही थी। उफफ्फ्फ! क्या जवानी थी उसकी। इतने में मीता का हाथ नीचे चला गया। उन्होंने मेरा लौड़ा पकड़ लिया और फेटने लगी। मीता को चोदने में बड़ी मेहनत लगी थी। मेरा लौड़ा बहुत जादा फूल गया था। उत्तेजना के कारण ऐसा हुआ था।

मैं झड चूका था पर फिर भी मेरा लंड नही सूखा। मोटा बना रहा और खड़ा ही रहा। मीता खुद ब खूब बिना कहे ही लंड फेटने लगी। जोर जोर से मीता और जोर से फेटो। मैंने कहा। इधर मैंने अपना हाथ मीता की चूत में डाल दिया और सहलाने लगा। फिर हम दोनों 69 वाली पोजीसन में आ गया। मीता मेरा लौड़ा और मेरी मेरी गोलियां पीने लगी।

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मैं उसकी चूत में उंगली कर करके पीने लगा। अचानक मीता ने मेरा लौड़ा मुंह में ले लिया और चूसने लगी। साथ में मेरी २ काली काली गोलियों को भी वो अपनी नाजुक ऊं गली से सहला रही थी। वो जोर जोर से सिर हिला हिलाकर मेरा मोटा लौड़ा चूस रही थी। जब मीता बड़ी जोर जोर से मेरा लौड़ा पीने लगी तो मुझे लगा की कहीं झड ना जाऊं। “Garam Randi Aurat Chudai”

आराम से पियो मीता वरना माल छूट जाएगा! मैंने कहा। चुदाई के दुसरे राउंड में मैंने मीता को कुतिया बना दिया। अब डॉगी स्टाइल में इसको पेलूंगा, यही योजना था। मीता ने दोनों हाथ अपने सर के किनारे कर लिए। कुतिया बनकर वो कितनी सुंदर लग रही थी। कितनी जम रही थी। मैंने पीछे से अपना चेहरा और मुँह मीता के लपलपाते पुट्ठों में बीच डाल दिया।

मैं उसके गोरे चिकने पुट्ठों को खा लेना चाहता था। पीछे से मीता का लटका भोसड़ा बड़ा ही विशाल और वैभव से भरा लग रहा था। खूब बड़ी सी चूत थी फूली फूली। इसकी खूबसूरती पर मैं एक बार फिर से मर मिटा। मैंने हाथ से चूत पर चट चट करके २ चपट मारी और एक बार फिर से पीछे से मीता की बूढी लेकिन लज्जतदार चूत पीने लगा।

अपनी जीभ से उसे खोदने लगा। फिर मैं कुत्ता बन गया और मीता के फटे हुए भोसड़े में अपना लौड़ा डाल दिया। किसी वक्युम क्लीनर की तरह मीता के भोसड़े ने मेरे लौड़े को खीच लिया। मैंने उसको ठोकने लगा। मीता आ आहा हा हा हूँ हूँ करने लगी। कभी कभी को बिलकुल शांत और चुप हो जाती थी और गहन रूप से इंटेंसिटी के साथ बिना शोर किये चुदवाती थी।

पर कभी कभी थोडा मस्ती में आ जाती थी और जोर जोर से ह्यआ आहा हा हा हूँ हूँ करके चुदवाती थी। ये सब बहुत कमाल था। इस दौरान अचानक वो जोर जोर से मेरे लंड पर ठोकरें मारने लगी। मैं भी जोश में आ चूका था। मैने उसकी कमर को जोर से पकड़कर स्पीड बढा दी और बेतरतीब और बेदर्द तरीके के चोदने लगा।

अचानक उसके भोसड़े से लंबा सा नस मेरे लंड के साथ लटक गया। मैं फिर भी रूका नहीं और ठोकरें मारता रहा। उसने चिल्लाते हुए पानी छोड दिया। उसके साथ मैं भी अपने लंड के फव्वारें को उसके चुत में छोड़कर अकड गया। हम दोनों झड़ चूके थे। हम एक दूसरे को कुछ मिनटों तक जकड़े रहे। “Garam Randi Aurat Chudai”

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अचानक मेरा ध्यान उसके चूत पर गया। देखा वहां पानी के साथ एक लंबा सा नस निकल के लटक हुआ है। मैंने इस ओर मीता का ध्यान आकृष्ट किया। वो भी अपने चूत के बाहर लटके नस को देखकर डर गयी। शायद जोरदार चुदाई की वजह से उस बूढी चूत की नस खींच गयी थी। उसने बूर के बाहर लटके नस को चूत के अंदर डाला।

उसके बाद हम दोनों कपड़े पहने और डाक्टर को दिखाने चल दिये। डॉक्टर ने उसके चूत का आपरेशन कर उस लटके हुए नस को काट कर अलग कर दिया। साथ ही मीता को जोर से चुदाई नहीं करवाने की नसीहत दी। मीता को मैने घर छोड़ दिया। मीता की चूत का स्वाद आज भी मेरे लौड़े के सुपाड़े पर है। हालांकि इसके बाद मैं उस बूढी औरत को चोदने कभी नहीं गया। सच पूछो तो जो मजा जवान चूत मारने में है वो मजा 40 पार की औरतो में कहां मिलेगी। तो दोस्तो ये थी मेरी कहानी। इसके बाद मैंने कभी भी आज तक 35 की ऊपर की महिला को नहीं चोदा।

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